1
00:00:06,320 --> 00:00:08,560
‎NETFLIX प्रस्तुत करता है

2
00:01:35,800 --> 00:01:39,160
‎तीन तरह के लोग होते हैं।

3
00:01:40,200 --> 00:01:42,040
‎कुछ जो ऊपर होते हैं,

4
00:01:42,120 --> 00:01:43,640
‎कुछ जो नीचे होते हैं,

5
00:01:44,320 --> 00:01:45,520
‎और कुछ जो गिर जाते हैं।

6
00:02:26,000 --> 00:02:28,160
‎मंज़िल 48।

7
00:02:35,320 --> 00:02:37,440
‎-कोठरी।
‎-हाँ।

8
00:02:38,200 --> 00:02:39,320
‎कोठरी।

9
00:02:41,200 --> 00:02:43,000
‎और महीने की बस शुरुआत हुई है।

10
00:02:44,240 --> 00:02:46,280
‎इसलिए सवाल यह है...

11
00:02:46,360 --> 00:02:47,800
‎कि हम क्या खाएँगे?

12
00:02:49,200 --> 00:02:50,880
‎हम क्या खाएँगे?

13
00:02:52,000 --> 00:02:54,800
‎ज़ाहिर है, ऊपर वालों का बचा-खुचा।

14
00:02:56,880 --> 00:03:02,160
‎-ऊपर क्या है?
‎-मंज़िल 47। ज़ाहिर है।

15
00:04:00,800 --> 00:04:02,360
‎मेरा नाम गोरेंग है।

16
00:04:08,440 --> 00:04:11,120
‎कृपया कोठरी में अपनी तरफ़ ही रहो।

17
00:04:13,280 --> 00:04:14,280
‎गोरेंग।

18
00:04:25,640 --> 00:04:27,480
‎आपका क्या नाम है?

19
00:04:28,600 --> 00:04:29,600
‎हाँ।

20
00:04:29,680 --> 00:04:32,320
‎हमें एक-दूसरे का नाम पता होना चाहिए।

21
00:04:32,400 --> 00:04:34,520
‎काफ़ी वक्त एकसाथ बिताएँगे।

22
00:04:36,120 --> 00:04:37,320
‎या फिर नहीं।

23
00:04:38,040 --> 00:04:39,680
‎क्या पता?

24
00:04:44,200 --> 00:04:46,200
‎मेरा नाम त्रिमगासी है।

25
00:04:49,760 --> 00:04:54,200
‎मिस्टर त्रिमगासी,
‎आपको कोठरी के नियमों के बारे पता है?

26
00:04:54,280 --> 00:04:56,880
‎ज़ाहिर है, बात सिर्फ़ खाने की है।

27
00:04:58,320 --> 00:05:00,080
‎कभी-कभी बहुत आसान होता है।

28
00:05:00,160 --> 00:05:02,160
‎कभी बहुत मुश्किल होता है।

29
00:05:02,240 --> 00:05:03,960
‎मंज़िल पर निर्भर करता है।

30
00:05:04,040 --> 00:05:07,200
‎खुशकिस्मती से,
‎मंज़िल 48 के हालात अच्छे हैं।

31
00:05:10,520 --> 00:05:13,680
‎क्या नीचे कई लोग हैं?
‎रुकिए, बताने की ज़रूरत नहीं।

32
00:05:14,720 --> 00:05:16,080
‎ज़ाहिर है।

33
00:05:17,960 --> 00:05:20,160
‎बहुत जल्द, वहाँ इतने लोग नहीं होंगे।

34
00:05:24,280 --> 00:05:27,440
‎-ए, मेरी आवाज़ सुनाई दे रही है?
‎-उन्हें आवाज़ मत दो।

35
00:05:28,440 --> 00:05:30,440
‎-क्यों नहीं?
‎-क्योंकि वे नीचे हैं।

36
00:05:31,920 --> 00:05:33,800
‎ऊपर वाले जवाब नहीं देंगे।

37
00:05:33,880 --> 00:05:36,960
‎-क्यों?
‎-ज़ाहिर है, क्योंकि वे हम से ऊपर हैं।

38
00:05:37,040 --> 00:05:40,720
‎आपके लिए हर बात ही ज़ाहिर है, क्यों?
‎आप काफ़ी वक्त से यहाँ हैं।

39
00:05:40,800 --> 00:05:44,880
‎महीनों से। कई महीनों से।

40
00:05:44,960 --> 00:05:48,640
‎फिर भी कहता हूँ,
‎मंज़िल 48 के हालात अच्छे हैं।

41
00:05:48,720 --> 00:05:51,160
‎खुद को ख़ुशकिस्मत समझो।

42
00:05:51,240 --> 00:05:53,760
‎हम कब तक इस अच्छी मंज़िल पर रहेंगे?

43
00:05:53,840 --> 00:05:56,160
‎कम से कम एक महीना।

44
00:05:56,920 --> 00:05:58,720
‎उसके बाद देखेंगे।

45
00:05:58,800 --> 00:06:01,440
‎और अब मैं किसी और सवाल का जवाब नहीं दूँगा।

46
00:06:01,520 --> 00:06:03,280
‎बात करने से मुझे थकान होती है।

47
00:06:04,200 --> 00:06:07,440
‎ख़ासकर तब, जब जितना पता चलता है,
‎उससे ज़्यादा बताना पड़े।

48
00:06:08,800 --> 00:06:10,080
‎ज़ाहिर है, यह ठीक नहीं है।

49
00:06:10,160 --> 00:06:12,080
‎इसलिए अब से,

50
00:06:12,160 --> 00:06:15,480
‎जितना तुम मुझे बताओगे,
‎मैं भी तुम्हें उतना ही बताऊँगा।

51
00:06:29,240 --> 00:06:31,320
‎लाल बत्ती बंद है। हरी बत्ती जल रही है।

52
00:06:32,440 --> 00:06:37,160
‎मैंने आपको जानकारी दी।
‎अब जवाब में आपको कुछ बताना होगा।

53
00:06:38,400 --> 00:06:40,680
‎लाल बत्ती बंद क्यों हो गई?

54
00:07:09,360 --> 00:07:11,480
‎यह तो खाया हुआ खाना है।

55
00:07:11,560 --> 00:07:14,560
‎ज़ाहिर सी बात है,
‎मैं "ज़ाहिर है" नहीं कहने वाला।

56
00:07:14,640 --> 00:07:16,360
‎सरासर घटियापन है।

57
00:07:22,320 --> 00:07:23,680
‎अच्छा।

58
00:07:24,400 --> 00:07:27,120
‎अगर हमारे ऊपर 47 मंज़िलें हैं,
‎और हर मंज़िल में दो लोग हैं,

59
00:07:27,200 --> 00:07:29,440
‎तो हम 94 लोगों का बचा-खुचा खा रहे हैं।

60
00:07:30,160 --> 00:07:31,160
‎चिंता मत करो।

61
00:07:31,240 --> 00:07:33,520
‎जल्द ही, ऊपर इतने लोग नहीं होंगे।

62
00:07:34,080 --> 00:07:36,280
‎-खाओगे नहीं?
‎-मुझे भूख नहीं है।

63
00:07:37,120 --> 00:07:38,720
‎भूख लगेगी।

64
00:07:44,120 --> 00:07:45,880
‎लोग कैसे कम हो जाएँगे?

65
00:07:45,960 --> 00:07:48,880
‎यह तो नहीं कहूँगा कि ज़ाहिर बात है,
‎क्योंकि ज़ाहिर बात नहीं है।

66
00:07:48,960 --> 00:07:51,800
‎जब तक मैं मंज़िल आठ पर नहीं गया था,
‎मैं खुद भी समझ नहीं पाया था।

67
00:07:52,320 --> 00:07:53,520
‎शराब!

68
00:07:54,080 --> 00:07:58,640
‎ऊपर की मंज़िल वाले मुसलमान
‎और शराब न पीने वाले रहे होंगे।

69
00:08:00,440 --> 00:08:02,840
‎आमतौर पर, शराब यहाँ तक नहीं पहुँच पाती।

70
00:08:03,600 --> 00:08:05,440
‎तुम सच में नहीं खाओगे?

71
00:08:18,960 --> 00:08:19,960
‎बाद के लिए है।

72
00:08:35,960 --> 00:08:37,039
‎आपने ऐसा क्यों किया?

73
00:08:37,840 --> 00:08:39,640
‎नीचे वाले इसे खा सकते हैं।

74
00:08:39,720 --> 00:08:41,360
‎ऊपर वालों ने भी यही किया हो तो?

75
00:08:42,120 --> 00:08:43,760
‎शायद करते ही होंगे।

76
00:08:45,840 --> 00:08:47,159
‎कमीने कहीं के।

77
00:08:50,360 --> 00:08:52,600
‎-गर्मी लग रही है क्या?
‎-गर्मी बढ़ेगी।

78
00:08:52,680 --> 00:08:54,200
‎बढ़ेगी?

79
00:08:54,280 --> 00:08:56,640
‎एक मिनट में हमारा उबलने जैसा हाल होगा।

80
00:08:57,280 --> 00:08:58,440
‎अच्छा? क्यों?

81
00:08:58,520 --> 00:09:00,120
‎तुम्हारी वजह से।

82
00:09:00,200 --> 00:09:03,760
‎बिना किसी रोक के, तापमान बढ़ेगा, अगर...

83
00:09:06,600 --> 00:09:09,720
‎-अगर क्या?
‎-अगर तुमने वह सेब न गिराया।

84
00:09:09,800 --> 00:09:13,680
‎जब तक मंच हमारी मंज़िल पर है,
‎तभी उस खाने पर हमारा हक है।

85
00:09:13,760 --> 00:09:18,280
‎अगर तुम कुछ रख लेते हो
‎तो तापमान इतना बढ़ेगा कि हम झुलस जाएँगे।

86
00:09:18,360 --> 00:09:20,400
‎या फिर तब तक कम होगा
‎जब तक जमकर मर नहीं जाते।

87
00:09:21,000 --> 00:09:21,840
‎कभी कुछ, तो कभी कुछ।

88
00:09:24,480 --> 00:09:25,760
‎धत्।

89
00:09:33,360 --> 00:09:34,880
‎आई बात समझ में?

90
00:09:37,720 --> 00:09:39,560
‎आई बात समझ में?

91
00:09:39,640 --> 00:09:40,760
‎क्या?

92
00:09:42,560 --> 00:09:46,600
‎यह बात समझ में आ गई कि अंदर आने पर,
‎मियाद पूरी होने से पहले नहीं जा सकते?

93
00:09:48,480 --> 00:09:49,920
‎तो, मुझे अपना लिया गया है।

94
00:09:50,520 --> 00:09:51,640
‎अभी नहीं।

95
00:09:59,920 --> 00:10:01,480
‎क्या वह चीज़ किताब भी हो सकती है?

96
00:10:02,480 --> 00:10:04,120
‎तुम्हारी ज़रूरत की कोई भी चीज़ हो सकती है।

97
00:10:08,880 --> 00:10:10,680
‎द इंजीनियस जेंटलमैन - डॉन क्विकज़ोट

98
00:10:20,000 --> 00:10:21,920
‎आपको अपने यहाँ होने की वजह
‎बताना चाहता हूँ।

99
00:10:23,080 --> 00:10:24,480
‎किस लिए?

100
00:10:24,560 --> 00:10:27,080
‎ताकि आप भी मुझे
‎अपने यहाँ होने की वजह बताएँ।

101
00:10:27,160 --> 00:10:28,160
‎ज़ाहिर सी बात है।

102
00:10:30,800 --> 00:10:33,160
‎मैं सिगरेट छोड़कर
‎"डॉन क्विकज़ोट" पढ़ना चाहता था।

103
00:10:33,960 --> 00:10:37,080
‎मुझे कहा गया था कि साथ में
‎कोई चीज़ ला सकता हूँ और मुझे लगा...

104
00:10:37,160 --> 00:10:38,800
‎अपनी मर्ज़ी से यहाँ आए हो?

105
00:10:42,800 --> 00:10:45,520
‎एक अधिकृत डिप्लोमा लेने के बदले
‎छह महीने रहना था।

106
00:10:46,400 --> 00:10:48,040
‎एक अधिकृत डिप्लोमा?

107
00:10:49,720 --> 00:10:51,600
‎क्या मतलब है तुम्हारा?

108
00:10:53,760 --> 00:10:56,040
‎फिर तो मुझे दो मिलने चाहिए।

109
00:10:56,120 --> 00:10:58,480
‎मैं यहाँ एक साल के लिए रहूँगा।

110
00:10:58,560 --> 00:10:59,840
‎आप यहाँ किस लिए हैं?

111
00:11:11,920 --> 00:11:14,440
‎तो, इसे एक मिलेगा और मुझे कुछ नहीं मिलेगा?

112
00:11:35,480 --> 00:11:37,360
‎तुम्हारी जगह मैं होता तो निकल जाता।

113
00:12:01,440 --> 00:12:04,360
‎-तुम आज भी नहीं खाओगे?
‎-ज़ाहिर है, नहीं।

114
00:12:05,080 --> 00:12:06,200
‎सब बेकार है।

115
00:12:06,920 --> 00:12:08,560
‎तुम इस मंज़िल के लायक ही नहीं हो।

116
00:12:11,040 --> 00:12:12,760
‎आपने बताया नहीं कि आप यहाँ कैसे आए।

117
00:12:20,680 --> 00:12:22,120
‎चलिए, अब बताइए।

118
00:12:26,040 --> 00:12:31,400
‎ठीक है, पर अगर तुम वादा करो
‎कि "ज़ाहिर है" शब्द को नहीं चुराओगे।

119
00:12:37,520 --> 00:12:42,560
‎घर पर एक दाढ़ी वाले को देख रहा था जो चाकू
‎धार करने वाले औज़ार का विज्ञापन कर रहा था।

120
00:12:42,640 --> 00:12:48,080
‎उसने कहा, "सामुराई-मैक्स से हर चाकू की धार
‎बना सकते हैं, सीधी हो या दाँतेदार।"

121
00:12:49,080 --> 00:12:50,720
‎"इस चाकू को देखिए।

122
00:12:50,800 --> 00:12:54,320
‎कितना बेजान है, इससे एक स्पंज भी न कटे।

123
00:12:54,400 --> 00:13:00,000
‎सामुराई-मैक्स के इस्तेमाल से, सख़्त से
‎सख़्त सतह को चीर डालें, इस ईंट को भी।"

124
00:13:00,080 --> 00:13:03,560
‎और वही हुआ।

125
00:13:09,600 --> 00:13:12,880
‎उसके बाद, कई गृहिणियाँ आईं

126
00:13:12,960 --> 00:13:16,960
‎और उन्होंने दावा किया कि सामुराई-मैक्स से
‎उनकी ज़िंदगियाँ बदल गईं।

127
00:13:18,080 --> 00:13:20,600
‎"हम टमाटर भी नहीं छील पाते थे,

128
00:13:20,680 --> 00:13:23,320
‎और ब्रेड का चूरा हो जाता था।

129
00:13:24,400 --> 00:13:27,680
‎सामुराई-मैक्स से
‎हमारी ज़िंदगियाँ बदल गई हैं," सभी ने कहा।

130
00:13:28,320 --> 00:13:30,960
‎सच कहूँ तो, मैंने कभी टमाटर नहीं छीला।

131
00:13:31,040 --> 00:13:33,120
‎और कटी हुई ब्रेड ही खरीदता हूँ।

132
00:13:33,200 --> 00:13:38,080
‎रसोई वाले चाकू से किसी को
‎ईंट काटने की भला क्या ज़रूरत पड़ सकती है?

133
00:13:39,680 --> 00:13:41,120
‎पर मैं सोचने लगा।

134
00:13:42,000 --> 00:13:44,160
‎मैं अपनी चाकुओं की धार क्यों नहीं बनाता?

135
00:13:44,240 --> 00:13:47,440
‎उन्हें धार न करने की वजह से
‎अगर मेरी ज़िंदगी बेकार हो गई हो तो?

136
00:13:47,520 --> 00:13:49,160
‎क्योंकि मैं
‎छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता?

137
00:13:49,720 --> 00:13:52,520
‎-छोटी बातों पर, गोरेंग।
‎-तो फिर आपने खरीदा?

138
00:13:53,760 --> 00:13:56,360
‎-ज़ाहिर है, खरीदा।
‎-फिर क्या हुआ?

139
00:13:56,440 --> 00:13:59,760
‎क्या आपने अपने चाकू को धार किया
‎और किसी का गला काट दिया?

140
00:14:03,680 --> 00:14:07,240
‎मैंने उन्हें खरीदा
‎और अगले विज्ञापन का इंतज़ार करता रहा।

141
00:14:07,320 --> 00:14:10,160
‎वही दाढ़ी वाला और वही गृहिणियाँ फिर से आए।

142
00:14:11,440 --> 00:14:13,240
‎सोचो कि इस बार वे क्या बेच रहे थे।

143
00:14:13,960 --> 00:14:18,920
‎एक ऐसा चाकू
‎जिसकी धार ईंट काटने पर भी खराब नहीं होगी।

144
00:14:19,000 --> 00:14:23,600
‎काटते वक्त, खुद-ब-खुद उसकी धार बन जाती है।

145
00:14:24,560 --> 00:14:26,360
‎पता है उसका नाम क्या था?

146
00:14:27,240 --> 00:14:29,840
‎-सामुराई-प्लस।
‎-तुमने भी खरीदा था क्या?

147
00:14:29,920 --> 00:14:33,200
‎-नहीं।
‎-ज़ाहिर है, वे मुझे देखकर हँसे।

148
00:14:33,720 --> 00:14:35,200
‎छोटी-छोटी बातें।

149
00:14:36,400 --> 00:14:39,080
‎छोटी-छोटी बातों से
‎मेरा दिमाग ठिकाने न रहा।

150
00:14:40,920 --> 00:14:42,960
‎मैंने अपना टीवी उठाया,

151
00:14:43,040 --> 00:14:44,640
‎उसे खिड़की के बाहर दे मारा,

152
00:14:44,720 --> 00:14:48,840
‎और वह किसी ग़ैरकानूनी अप्रवासी के ऊपर
‎जा गिरा जो मोटरसाइकल पर था।

153
00:14:48,920 --> 00:14:51,320
‎उस बंदे की मौत का कसूरवार मैं हूँ क्या?

154
00:14:52,120 --> 00:14:54,080
‎उसे तो वहाँ होना ही नहीं चाहिए था।

155
00:14:58,880 --> 00:15:01,680
‎आपको यहाँ
‎किसी का कत्ल करने के लिए लाया गया था?

156
00:15:01,760 --> 00:15:05,160
‎मुझसे पूछा गया था,
‎मनोवैज्ञानिक वार्ड या फिर कोठरी।

157
00:15:05,840 --> 00:15:07,040
‎इसलिए मैं यहाँ आ गया।

158
00:15:07,960 --> 00:15:11,000
‎जबकि उन्होंने
‎मुझे अधिकृत डिप्लोमा देने की बात नहीं की।

159
00:15:16,040 --> 00:15:17,360
‎यहाँ कितनी मंज़िलें हैं?

160
00:15:17,440 --> 00:15:21,960
‎मुझे नहीं पता। कम से कम 132 तो होंगी,
‎क्योंकि मैं उस पर था।

161
00:15:22,040 --> 00:15:23,520
‎एक सौ बत्तीस।

162
00:15:23,600 --> 00:15:25,360
‎नीचे और भी हैं।

163
00:15:26,240 --> 00:15:28,640
‎-कितना खाना नीचे तक पहुँचता था?
‎-कुछ भी नहीं।

164
00:15:28,720 --> 00:15:31,080
‎बिना खाने के एक महीना काटना मुश्किल है।

165
00:15:31,160 --> 00:15:32,760
‎यह नहीं कहा कि खाना नहीं खाया।

166
00:15:32,840 --> 00:15:34,720
‎बस यह खाना नीचे तक पहुँचता नहीं था।

167
00:15:34,800 --> 00:15:37,120
‎और बिना खाए एक महीना काटा जा सकता है।

168
00:15:37,200 --> 00:15:40,520
‎अगर लगातार दो नीचे की मंज़िलें मिलें तो,
‎गए काम से।

169
00:15:42,720 --> 00:15:44,480
‎हमें ऊपर वालों से बात करनी होगी।

170
00:15:44,560 --> 00:15:45,920
‎किस लिए?

171
00:15:46,000 --> 00:15:48,160
‎उन्हें अपने खाने का हिस्सा करना होगा।

172
00:15:48,240 --> 00:15:50,080
‎वे मंज़िल 46 से बात करेंगे।

173
00:15:50,160 --> 00:15:52,120
‎वे आगे 45 से और बात आगे जाएगी।

174
00:15:53,880 --> 00:15:55,120
‎तुम साम्यवादी हो क्या?

175
00:15:55,680 --> 00:15:58,840
‎वाजिब बात कर रहा हूँ।
‎खाने का हिस्सा करना सही होगा।

176
00:15:58,920 --> 00:16:00,920
‎ऊपर वाले साम्यवादियों की बात नहीं मानेंगे।

177
00:16:01,840 --> 00:16:03,240
‎तो नीचे वालों से शुरू करेंगे।

178
00:16:03,320 --> 00:16:05,560
‎ए! नीचे, मंज़िल 49 में जो भी है!

179
00:16:08,800 --> 00:16:11,600
‎अगली बार हमारे लिए भी
‎शराब छोड़ देना, कमीनों!

180
00:16:11,680 --> 00:16:14,240
‎यह लो शराब, कमीनों।

181
00:16:17,320 --> 00:16:20,880
‎नीचे वाले नीचे वाले ही हैं, गोरेंग।

182
00:16:21,520 --> 00:16:24,760
‎-अगले महीने वे हमसे ऊपर जा सकते हैं।
‎-फिर वे हम पर पेशाब करेंगे।

183
00:16:26,040 --> 00:16:27,680
‎कमीने कहीं के।

184
00:16:38,320 --> 00:16:39,920
‎मैं एक किताब लेकर आया हूँ।

185
00:16:41,320 --> 00:16:42,960
‎तुम क्या लेकर आए?

186
00:16:44,120 --> 00:16:45,320
‎ज़ाहिर सी बात है।

187
00:16:49,200 --> 00:16:50,960
‎सामुराई-प्लस।

188
00:17:50,280 --> 00:17:51,840
‎आप उस सब से थकते नहीं?

189
00:17:51,920 --> 00:17:53,280
‎लाजवाब है।

190
00:17:54,240 --> 00:17:56,840
‎इसका जितना इस्तेमाल करूँगा,
‎उतनी इसकी धार बनेगी।

191
00:18:09,400 --> 00:18:12,360
‎-कोई इंसान था क्या?
‎-हाँ, बिल्कुल।

192
00:18:12,440 --> 00:18:14,080
‎उम्मीद है कि शराब पीने वाला हो।

193
00:18:14,160 --> 00:18:15,640
‎वैसे भी शराब की तंगी है।

194
00:18:19,560 --> 00:18:22,960
‎ऊपर वाली मंज़िलों में
‎जितना मर्ज़ी खा सकते हो।

195
00:18:23,960 --> 00:18:26,080
‎पर आगे कुछ उम्मीद नहीं होती...

196
00:18:27,160 --> 00:18:28,920
‎और सोचने के लिए काफ़ी कुछ होता है।

197
00:18:38,880 --> 00:18:40,680
‎कोई कुछ नहीं करेगा क्या?

198
00:18:49,720 --> 00:18:53,200
‎अगर तुम्हारी जगह होता,
‎तो मध्य मंज़िलों में रहने की दुआ माँगता।

199
00:18:54,040 --> 00:18:57,560
‎तुम्हें देखकर लगता है
‎कि तुम ऊपर होते तो कूद जाते।

200
00:18:57,640 --> 00:19:00,440
‎और तुम्हारी नीचे जाकर रहने की
‎हिम्मत नहीं होती।

201
00:19:02,600 --> 00:19:04,040
‎किस बात की हिम्मत?

202
00:19:14,280 --> 00:19:16,280
‎आज रात मुझे एक अध्याय पढ़कर सुनाओगे?

203
00:19:17,160 --> 00:19:19,120
‎आजकल मुझे नींद नहीं आती।

204
00:19:19,960 --> 00:19:21,880
‎टीवी की कमी खलती है।

205
00:19:23,520 --> 00:19:25,160
‎आप कौन सी मंज़िलों पर रहे हैं?

206
00:19:27,880 --> 00:19:29,760
‎जब जागा तो मैं मंज़िल 72 पर था।

207
00:19:31,240 --> 00:19:33,880
‎उसके बाद मंज़िल 26 पर।

208
00:19:33,960 --> 00:19:36,560
‎फिर 78 पर, उसके बाद 43 पर।

209
00:19:37,280 --> 00:19:40,880
‎ग्यारह पर, 79 पर।

210
00:19:40,960 --> 00:19:44,280
‎बत्तीस पर, फिर आठ पर।

211
00:19:45,560 --> 00:19:48,000
‎पिछले महीने 132 पर था।

212
00:19:48,960 --> 00:19:50,320
‎अब यहाँ हूँ।

213
00:19:50,400 --> 00:19:53,640
‎किसके साथ थे? शायद सुबह
‎आँख खुलने पर उसी एक को देखते होंगे।

214
00:19:54,360 --> 00:19:57,400
‎-किसके साथ थे?
‎-तुम्हें ऐसा क्यों लगता है?

215
00:19:57,480 --> 00:20:00,920
‎आपने कहा कि अगले महीने हम साथ होंगे।
‎आप किसके साथ थे?

216
00:20:03,200 --> 00:20:06,800
‎असल बात यह है कि आपके पास
‎खुद-ब-खुद धार होने वाला चाकू है।

217
00:20:06,880 --> 00:20:10,320
‎और आपके साथी बिना खाने के ही,
‎किसी मंज़िल में गायब हो गए।

218
00:20:10,400 --> 00:20:12,480
‎आपको देखकर नहीं लगता कि खाना नहीं मिला।

219
00:20:14,280 --> 00:20:15,600
‎नतीजा ज़ाहिर है।

220
00:20:15,680 --> 00:20:18,080
‎तुमने वादा किया था
‎कि उस शब्द का इस्तेमाल नहीं करोगे।

221
00:20:18,160 --> 00:20:20,120
‎आपने पाँचवें धर्मादेश का पालन नहीं किया।

222
00:20:20,200 --> 00:20:22,200
‎और ज़ाहिर है कि अपने साथी को खा गए।

223
00:20:38,760 --> 00:20:40,560
‎इस पर ध्यान मत दो। खाना खाओ।

224
00:20:40,640 --> 00:20:42,640
‎-इसे चोट लगी है?
‎-कोई ख़ास बात नहीं है।

225
00:20:44,080 --> 00:20:45,640
‎है न, मिहारू?

226
00:20:50,040 --> 00:20:51,320
‎आप इसे जानते हैं?

227
00:20:52,240 --> 00:20:53,880
‎यह हर महीने नीचे आती है।

228
00:20:54,800 --> 00:20:57,400
‎-क्यों?
‎-यह अपने बेटे को ढूँढ़ रही है।

229
00:20:58,800 --> 00:21:00,640
‎कोठरी में बच्चे भी हैं?

230
00:21:08,520 --> 00:21:09,880
‎कोई बात नहीं।

231
00:21:13,480 --> 00:21:15,920
‎अच्छा।

232
00:21:16,000 --> 00:21:17,480
‎इसे कुछ दिनों के लिए रखना चाहते हो?

233
00:21:18,920 --> 00:21:21,120
‎मुझे लगा था कि तुम ईमानदार आदमी हो।

234
00:21:21,200 --> 00:21:22,240
‎मैं इसकी मदद करना चाहता हूँ।

235
00:21:22,880 --> 00:21:24,440
‎मैं इसकी मदद कर रहा हूँ।

236
00:21:25,960 --> 00:21:28,920
‎कोठरी में, हर किसी को चुनने की आज़ादी है।

237
00:21:29,000 --> 00:21:30,320
‎यह मर्ज़ी से नीचे आई है।

238
00:21:31,120 --> 00:21:33,880
‎तुम्हें पता भी है
‎कि यह हसीना हर महीने क्या करती है?

239
00:21:33,960 --> 00:21:36,960
‎नीचे आने से पहले,
‎अपने साथी का कत्ल कर डालती है।

240
00:21:38,400 --> 00:21:41,440
‎ताकि अगले महीने
‎अपने बच्चे से मिलने की संभावना बढ़ सके।

241
00:21:42,240 --> 00:21:46,440
‎तुमने जिस लाश को गिरते देखा,
‎वह शायद इसका साथी था।

242
00:21:49,960 --> 00:21:52,040
‎मैंने मंज़िल 132 में किसी को नहीं मारा।

243
00:21:52,120 --> 00:21:55,760
‎कोठरी में,
‎मेरे साथी का वक्त पूरा हो गया था।

244
00:21:56,640 --> 00:22:00,320
‎अपना डिप्लोमा लेकर
‎शायद कामयाबी का शिखर चूम रहा होगा।

245
00:22:02,040 --> 00:22:06,120
‎आठ दिन बाद, जब मंच हमारी मंज़िल पर था,
‎एक लाश गिरी।

246
00:22:07,640 --> 00:22:09,360
‎हमने इंसान का माँस खाया।

247
00:22:10,040 --> 00:22:11,720
‎पर किसी को मारा नहीं।

248
00:22:28,240 --> 00:22:30,040
‎ए!

249
00:22:32,400 --> 00:22:34,040
‎उसे छोड़ो, सालो!

250
00:22:34,120 --> 00:22:36,960
‎वे उसे एक-दो दिनों के लिए ही रखेंगे।
‎दख़लअंदाज़ी मत करो।

251
00:22:37,960 --> 00:22:40,000
‎आज रात एक अध्याय पढ़कर सुनाओगे...

252
00:22:41,920 --> 00:22:44,720
‎जाओ, कूदो!

253
00:22:44,800 --> 00:22:47,120
‎बस लगभग 20 फुट नीचे है।

254
00:23:14,360 --> 00:23:16,320
‎कौन सा अध्याय सुनना चाहते हैं?

255
00:23:16,400 --> 00:23:18,280
‎ज़ाहिर है, पहला वाला।

256
00:23:22,760 --> 00:23:23,720
‎धत् तेरे की।

257
00:23:24,560 --> 00:23:27,520
‎"ला मैंचा में कहीं, कोई ऐसी जगह
‎जिसे मैं याद तक नहीं करना चाहता,

258
00:23:27,600 --> 00:23:30,800
‎कुछ वक्त पहले, एक सज्जन रहा करते थे,
‎उनका बर्छा मेज़ पर पड़ा होता था,

259
00:23:30,880 --> 00:23:33,640
‎उनका पुराना सा कवच, बेजान सा घोड़ा,
‎और एक शिकारी कुत्ता।"

260
00:24:42,760 --> 00:24:44,440
‎भगवान पर भरोसा करते हो?

261
00:24:48,280 --> 00:24:49,720
‎क्यों पूछ रहे हैं?

262
00:24:51,000 --> 00:24:54,480
‎अगर करते हो, तो हमारे लिए दुआ करो।

263
00:24:55,920 --> 00:24:57,720
‎कोई बू आ रही है?

264
00:24:58,640 --> 00:25:00,240
‎गैस की बू है।

265
00:25:01,040 --> 00:25:03,440
‎कुछ ही सेकेंड में, वे हमें सुला देंगे।

266
00:25:03,520 --> 00:25:06,240
‎कल, आँख खुलेगी तो
‎किसी दूसरी मंज़िल पर होंगे।

267
00:25:09,040 --> 00:25:10,640
‎तुम मुझे अच्छे लगते हो, गोरेंग।

268
00:25:11,800 --> 00:25:14,360
‎लगता नहीं कि तुम ज़्यादा देर तक टिक पाओगे।

269
00:25:15,200 --> 00:25:16,680
‎पर तुम मुझे अच्छे लगते हो।

270
00:25:18,880 --> 00:25:20,280
‎तुम एक नेक इंसान हो।

271
00:25:22,720 --> 00:25:25,120
‎मेरे यहाँ दो ही महीने बचे हैं।

272
00:25:26,600 --> 00:25:30,600
‎बाहर निकलकर,
‎शायद मुझे एक अधिकृत डिप्लोमा मिलेगा।

273
00:25:33,200 --> 00:25:34,960
‎और यह कोई छोटी बात नहीं है।

274
00:25:37,720 --> 00:25:39,040
‎आप भगवान में यकीन रखते हैं?

275
00:25:40,360 --> 00:25:43,840
‎इस महीने, करता हूँ।

276
00:26:12,520 --> 00:26:14,720
‎तुम घोड़े बेचकर सोते हो, गोरेंग।

277
00:26:15,360 --> 00:26:17,560
‎नहीं!

278
00:26:17,640 --> 00:26:19,720
‎घबराओ मत।

279
00:26:19,800 --> 00:26:21,440
‎शांति रखो।

280
00:26:25,280 --> 00:26:28,640
‎यह अच्छी जगह नहीं है। अब आई बात समझ में?

281
00:26:29,640 --> 00:26:32,240
‎तुम मुझसे छोटे हो,
‎और ताकतवर भी ज़्यादा हो।

282
00:26:33,800 --> 00:26:36,120
‎आज या कल, शायद तुम मुझे कुछ नहीं करोगे।

283
00:26:36,920 --> 00:26:39,560
‎पर वक्त के साथ-साथ,
‎तुम्हारा मेरी तरफ़ नज़रिया बदल जाएगा।

284
00:26:39,640 --> 00:26:42,080
‎भूख से आदमी पागल हो जाता है।

285
00:26:43,160 --> 00:26:46,840
‎ऐसे हालात में, या तो खाना पड़ता है,
‎या फिर शिकार बनना पड़ता है।

286
00:26:48,600 --> 00:26:50,760
‎ज़ाहिर है, मैं तुम्हें मारना नहीं चाहता।

287
00:26:50,840 --> 00:26:53,840
‎तुम्हारा माँस बहुत जल्दी सड़ जाएगा।

288
00:26:53,920 --> 00:26:56,120
‎और हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं होगा।

289
00:26:56,680 --> 00:26:58,720
‎मैं तुम्हें तुरंत अपंग भी नहीं बनाऊँगा।

290
00:27:00,480 --> 00:27:04,120
‎पहले हफ़्ते उपवास करने में
‎कोई दिक्कत नहीं होती।

291
00:27:05,680 --> 00:27:07,800
‎कभी घोंघे खाए हैं?

292
00:27:08,560 --> 00:27:11,200
‎ऐसा मत करो। प्लीज़।

293
00:27:11,280 --> 00:27:13,440
‎बड़े लोग उन्हें शंबुक कहते हैं।

294
00:27:13,520 --> 00:27:16,120
‎कई देशों में तो उनकी बहुत माँग है।

295
00:27:16,200 --> 00:27:20,040
‎पर, पहले, सात से लेकर दस दिनों तक
‎उन्हें साफ़ करना पड़ता है।

296
00:27:21,360 --> 00:27:24,080
‎इसलिए अभी डरने की ज़रूरत नहीं है।

297
00:27:29,200 --> 00:27:30,600
‎सुनाई दे रहा है?

298
00:27:33,160 --> 00:27:35,040
‎लोगों की चीखें, जो आँखें खुलने पर

299
00:27:35,920 --> 00:27:38,000
‎खुद को नई जगह में पाते हैं।

300
00:27:41,000 --> 00:27:42,520
‎ऐसा मत करो।

301
00:27:47,200 --> 00:27:49,440
‎ऐसा मत करो, त्रिमगासी।

302
00:27:50,080 --> 00:27:53,840
‎हमारी दोस्ती धीरे-घीरे ख़त्म हो जाएगी।

303
00:27:53,920 --> 00:27:56,720
‎अंत में एक-दूसरे पर
‎ज़रा भी भरोसा नहीं रह जाएगा,

304
00:27:56,800 --> 00:27:59,640
‎जिसके चलते लड़ाई होगी और फिर अपराध होगा।

305
00:28:00,320 --> 00:28:03,200
‎मुझे पता है। मैं यह सब देख चुका हूँ।

306
00:28:03,280 --> 00:28:04,920
‎तुम एक कातिल हो।

307
00:28:05,000 --> 00:28:08,440
‎नहीं। मुझे बस डर लग रहा है।

308
00:28:10,080 --> 00:28:12,520
‎मुझे इस सब में
‎कोई मज़ा नहीं आता, मेरे घोंघे।

309
00:28:15,160 --> 00:28:17,320
‎मैं कोई घोंघा नहीं हूँ।

310
00:28:17,400 --> 00:28:20,960
‎माफ़ करना,
‎मेरे लिए तुम्हें घोंघा समझना आसान होगा,

311
00:28:21,040 --> 00:28:23,400
‎तुम्हारी कमियों का सफ़ाया करना।

312
00:28:23,480 --> 00:28:26,800
‎देख रहे हो? मेरे अंदर भी एहसास हैं।

313
00:28:36,760 --> 00:28:38,080
‎देखो तो सही।

314
00:28:39,200 --> 00:28:42,400
‎हड्डियाँ भी नहीं हैं!

315
00:28:46,120 --> 00:28:47,560
‎सुनो, मेरे घोंघे।

316
00:28:47,640 --> 00:28:50,240
‎तुम बंधे हुए हो। और मैं खुला हूँ।

317
00:28:50,320 --> 00:28:54,440
‎तुम्हारे पास एक किताब है,
‎और मेरे पास मेरा सामुराई-प्लस।

318
00:28:55,120 --> 00:28:57,760
‎ज़ाहिर है कि तुम किसी तरह की
‎माँग करने की हालत में नहीं हो।

319
00:28:57,840 --> 00:28:59,640
‎पर अगर तुम मेरा साथ दोगे,

320
00:28:59,720 --> 00:29:02,680
‎तो मैं तुम्हें
‎ज़िंदा रहने का एक मौका दूँगा।

321
00:29:04,040 --> 00:29:07,920
‎इस तरह मजबूर करके, मुझसे ज़िंदा रहने की
‎उम्मीद नहीं कर सकते, साले।

322
00:29:09,120 --> 00:29:11,200
‎वादा है, मुझसे जो होगा वह करूँगा।

323
00:29:12,240 --> 00:29:15,360
‎आठ दिनों में,
‎मैं माँस के टुकड़े काटकर निकालूँगा।

324
00:29:15,440 --> 00:29:18,800
‎हर बार तुम्हारे घाव भरने की कोशिश करूँगा।

325
00:29:19,400 --> 00:29:21,000
‎और तुम्हें तुम्हारा हिस्सा दूँगा।

326
00:29:21,080 --> 00:29:22,480
‎मेरा अपना टुकड़ा?

327
00:29:22,560 --> 00:29:25,280
‎ज़िंदा रहने के बारे सोचो और मेरी मदद करो।

328
00:29:26,080 --> 00:29:27,960
‎उम्मीद करता हूँ
‎कि जल्द ही तुम्हें होश आ जाए,

329
00:29:28,040 --> 00:29:31,200
‎ताकि एकसाथ मिलकर
‎हम "डॉन क्विकज़ोट" पढ़ सकें।

330
00:29:31,280 --> 00:29:34,960
‎अच्छा। उस आदमी की मौत
‎एक दुर्घटना भी हो सकती है।

331
00:29:35,600 --> 00:29:37,000
‎पर यह दुर्घटना नहीं है।

332
00:29:37,080 --> 00:29:40,560
‎मेरी मौत के ज़िम्मेदार तुम ही होगे, कमीने।

333
00:29:40,640 --> 00:29:44,320
‎नहीं, ऊपर वालों ने मुझे मजबूर किया है।

334
00:29:45,000 --> 00:29:47,800
‎मुझसे पहले,
‎सारे के सारे 340 ज़िम्मेदार हैं।

335
00:29:48,400 --> 00:29:50,680
‎हम पानी पीकर
‎ज़िंदा रह सकते हैं, त्रिमगासी।

336
00:29:50,760 --> 00:29:53,080
‎तुम रह सकते हो, हाँ।

337
00:29:53,840 --> 00:29:56,040
‎पर मैं तो उम्रदराज़ हूँ।

338
00:29:56,120 --> 00:29:59,720
‎मुझे बस इस बात पर ध्यान देना है
‎कि दो महीने में निकलना है।

339
00:29:59,800 --> 00:30:04,720
‎अगर मुझे बचना हो और हम किसी
‎निचली मंज़िल पर जा पहुँचे, तब क्या होगा?

340
00:30:04,800 --> 00:30:07,840
‎-अब बात समझ में आ रही है, है न?
‎-ज़ाहिर है, नहीं।

341
00:30:07,920 --> 00:30:11,080
‎-आज रात मुझे पढ़कर सुनाओगे?
‎-ज़ाहिर है, नहीं।

342
00:30:11,160 --> 00:30:12,760
‎तो फिर, हिसाब बराबर हो गया।

343
00:30:12,840 --> 00:30:14,600
‎बात करने से मुझे थकान होती है।

344
00:30:14,680 --> 00:30:17,240
‎मुँह बंद रखने से
‎तुम्हें थकान होती है, साले!

345
00:30:17,320 --> 00:30:18,720
‎मुँह बंद रखने से तुम्हें थकान होती है!

346
00:31:06,000 --> 00:31:08,160
‎वक्त आ गया है, मेरे घोंघे।

347
00:31:09,680 --> 00:31:11,360
‎मैंने पढ़ने की कोशिश की,

348
00:31:12,240 --> 00:31:13,600
‎पर मैं पढ़ नहीं सका।

349
00:31:14,360 --> 00:31:16,080
‎अक्षर गड़बड़ाने लगते हैं।

350
00:31:17,680 --> 00:31:19,840
‎मेरे दिमाग में धुंधलापन छा गया है।

351
00:31:23,200 --> 00:31:25,240
‎अगर आज शुरुआत करें,
‎तो तुम्हारे लिए अच्छा होगा।

352
00:31:26,360 --> 00:31:30,040
‎वरना, हाथ की सफ़ाई की गारंटी नहीं दे सकता।

353
00:31:31,760 --> 00:31:35,400
‎तुम्हें बता दूँ,
‎इस बात के लिए तुम ज़िम्मेदार हो।

354
00:31:36,520 --> 00:31:38,200
‎ऊपर वाले नहीं।

355
00:31:38,920 --> 00:31:40,560
‎न ही हालात ज़िम्मेदार हैं।

356
00:31:41,160 --> 00:31:43,000
‎न ही प्रशासन।

357
00:31:46,840 --> 00:31:48,200
‎सिर्फ़ तुम।

358
00:31:49,320 --> 00:31:51,760
‎घोंघे, तुम खुद को
‎पहले से ही साफ़ समझ सकते हो।

359
00:31:53,040 --> 00:31:54,880
‎बाहर से, और अंदर से।

360
00:31:55,640 --> 00:31:57,400
‎तुममें किसी तरह की नाराज़गी नहीं है।

361
00:31:59,000 --> 00:32:02,360
‎घबराओ मत, कुछ छोटे टुकड़े ही निकालूँगा।

362
00:32:02,440 --> 00:32:04,360
‎गुप्तांग को हाथ नहीं लगाऊँगा।

363
00:32:08,040 --> 00:32:09,640
‎तैयार हो?

364
00:35:13,840 --> 00:35:15,200
‎शुक्रिया।

365
00:35:41,760 --> 00:35:43,080
‎शुक्रिया।

366
00:35:55,880 --> 00:35:57,280
‎तुम्हारे बेटे का क्या नाम है?

367
00:37:13,360 --> 00:37:14,720
‎खाओ

368
00:37:15,760 --> 00:37:17,280
‎या फिर शिकार बन जाओ।

369
00:37:21,440 --> 00:37:23,160
‎तुमने मुझे मजबूर किया।

370
00:37:23,240 --> 00:37:24,560
‎नहीं।

371
00:37:25,280 --> 00:37:28,120
‎मैं निहत्था था और तुमने मेरा कत्ल कर दिया।

372
00:37:28,200 --> 00:37:31,720
‎मैं तुम्हारे साथ जैसे इज़्ज़त से पेश आया,
‎तुम उस तरह पेश नहीं आए।

373
00:37:31,800 --> 00:37:32,800
‎ज़ाहिर है।

374
00:37:32,880 --> 00:37:35,400
‎मरकर भी इस शब्द का पीछा नहीं छोड़ रहे।

375
00:37:39,760 --> 00:37:41,200
‎गैस की बू आ रही है।

376
00:37:45,040 --> 00:37:46,640
‎और तुम सिर्फ़ एक भ्रम हो।

377
00:37:47,520 --> 00:37:48,760
‎शायद।

378
00:37:49,720 --> 00:37:53,080
‎क्या फ़र्क पड़ता है?
‎अब हमारी हालत एक जैसी है।

379
00:37:56,160 --> 00:37:58,680
‎हम दोनों ही कातिल हैं।

380
00:37:58,760 --> 00:38:01,640
‎बस मैं तुमसे ज़्यादा सभ्य हूँ।

381
00:38:03,000 --> 00:38:07,520
‎-चले जाओ।
‎-नहीं। मैं कभी नहीं जाऊँगा।

382
00:38:08,360 --> 00:38:12,200
‎अब मैं तुम्हारा हिस्सा हूँ।
‎तुम्हारे अंदर हूँ।

383
00:38:14,520 --> 00:38:17,800
‎पर तुम भी मेरा हिस्सा हो।

384
00:38:17,880 --> 00:38:19,360
‎घोंघे।

385
00:38:21,640 --> 00:38:23,080
‎बात करने से मुझे थकान होती है।

386
00:38:23,840 --> 00:38:25,800
‎देखा? मैंने ठीक कहा था।

387
00:39:21,920 --> 00:39:24,720
‎रामसेस द्वितीय, आओ। इधर आओ, मेरी जान।

388
00:39:27,160 --> 00:39:30,000
‎यह बस तुम्हारा स्वागत कर रहा था,
‎जानवर कहीं के।

389
00:39:36,520 --> 00:39:39,120
‎मेरा नाम इमोगिरी है। यह रामसेस द्वितीय है।

390
00:39:39,840 --> 00:39:41,720
‎कोठरी में पालतू जानवर रखने की इजाज़त है?

391
00:39:41,800 --> 00:39:44,080
‎इसके बिना, मैं यहाँ नहीं आती, गोरेंग।

392
00:39:44,160 --> 00:39:47,480
‎छोटी टाँगों वाले कुत्ते को यहाँ लाना
‎अच्छी बात नहीं है, मैडम।

393
00:39:47,560 --> 00:39:50,080
‎यह सिर्फ़ छोटी टाँगों वाला कुत्ता नहीं है।

394
00:39:50,160 --> 00:39:53,200
‎मुझे लगा कि जानवरों से थोड़ा-बहुत
‎लगाव होगा। तुम्हारे पास किताब है।

395
00:39:53,800 --> 00:39:55,600
‎आज तक कभी किसी ने किताब नहीं माँगी।

396
00:39:56,800 --> 00:39:59,560
‎लोग कई तरह की चीज़ें अंदर लाए।
‎बंदूकें, तीर-कमान,

397
00:40:00,200 --> 00:40:02,160
‎छुरे, टॉर्च,

398
00:40:02,240 --> 00:40:04,720
‎गोल्फ़ खेलने का सामान,
‎बास्केटबॉल के बल्ले,

399
00:40:04,800 --> 00:40:07,280
‎-कसरत करने वाला साइकिल भी।
‎-तुम्हें मेरा नाम पता है?

400
00:40:09,400 --> 00:40:11,200
‎चाहो तो सिगरेट पी सकते हो।

401
00:40:17,560 --> 00:40:20,400
‎-आगे बढ़ें?
‎-हाँ।

402
00:40:26,760 --> 00:40:28,360
‎ग्लूटेन या दूध से एलर्जी है?

403
00:40:29,440 --> 00:40:30,440
‎नहीं।

404
00:40:32,920 --> 00:40:36,880
‎समुद्री खाद्य, मूँगफली
‎या फिर किसी भी फल से एलर्जी है?

405
00:40:36,960 --> 00:40:39,200
‎मेरे हिसाब से तो नहीं।

406
00:40:54,040 --> 00:40:56,640
‎तुम्हें पता है कि अंदर सिगरेट पीना मना है?

407
00:41:00,000 --> 00:41:01,320
‎हाँ, पता है।

408
00:41:14,840 --> 00:41:16,800
‎चुप रहना इस इंटरव्यू का हिस्सा है?

409
00:41:20,840 --> 00:41:22,000
‎तकलीफ़ हो रही है?

410
00:41:23,080 --> 00:41:24,400
‎नहीं।

411
00:41:33,680 --> 00:41:35,120
‎तुम्हारा मनपसंद खाना क्या है?

412
00:41:41,320 --> 00:41:42,400
‎पता नहीं।

413
00:41:45,880 --> 00:41:47,440
‎प्लीज़, ज़रा सोचकर बताओ।

414
00:41:48,800 --> 00:41:50,360
‎आप क्यों जानना चाहती हैं?

415
00:41:51,040 --> 00:41:52,760
‎उसे मेन्यू में जोड़ा जाएगा।

416
00:41:54,320 --> 00:41:56,080
‎तो, मुझे अपना लिया गया है?

417
00:41:57,240 --> 00:41:58,920
‎अभी तक तो नहीं।

418
00:42:03,920 --> 00:42:05,840
‎शंबुक-दो-प्याज़ा।

419
00:42:07,280 --> 00:42:08,440
‎घोंघे?

420
00:42:09,240 --> 00:42:11,440
‎-हाँ।
‎-अच्छी बात है।

421
00:42:12,360 --> 00:42:16,120
‎-मुझे बाहर निकाल सकती हो?
‎-तुम्हें पता है मैं ऐसा नहीं कर सकती।

422
00:42:17,080 --> 00:42:20,760
‎इससे पहले कि तुम्हें इस नर्क में भेजा गया,
‎तुमने कितनों को भेजा है?

423
00:42:21,640 --> 00:42:24,560
‎जहाँ तक मुझे याद है,
‎तुम मर्ज़ी से यहाँ आए थे।

424
00:42:24,640 --> 00:42:26,640
‎और मुझे यहाँ किसी ने नहीं भेजा।

425
00:42:26,720 --> 00:42:27,840
‎मैं अपनी मर्ज़ी से आई हूँ।

426
00:42:27,920 --> 00:42:31,160
‎तो, तुम्हें यह नहीं पता
‎कि कोठरी में लोगों की जानें जाती हैं?

427
00:42:31,240 --> 00:42:34,520
‎हम इसे वर्टिकल सेल्फ़-मैनेजमेंट सेंटर कहना
‎ज़्यादा पसंद करते हैं।

428
00:42:40,080 --> 00:42:41,640
‎यहाँ कितनी मंज़िलें हैं?

429
00:42:43,040 --> 00:42:44,560
‎दो सौ।

430
00:42:48,160 --> 00:42:49,520
‎दो सौ?

431
00:42:53,160 --> 00:42:56,040
‎दो सौ मंज़िलों के हिसाब से
‎खाना नहीं मिलता।

432
00:42:56,760 --> 00:42:59,120
‎अगर हर कोई सिर्फ़ ज़रूरत के मुताबिक खाता,

433
00:42:59,800 --> 00:43:01,640
‎तो खाना नीचे की मंज़िलों तक पहुँचता।

434
00:43:01,720 --> 00:43:05,320
‎-अंदर का जीवन उतना आसान नहीं है।
‎-नहीं है।

435
00:43:05,400 --> 00:43:06,680
‎न ही बाहर का जीवन।

436
00:43:06,760 --> 00:43:09,720
‎पर वीएसएमसी में
‎कुछ न कुछ तो होना ही चाहिए।

437
00:43:09,800 --> 00:43:13,440
‎ऐसा कुछ जिससे सहज एकता पैदा हो।

438
00:43:13,520 --> 00:43:16,600
‎वीएसएमसी? सहज एकता?

439
00:43:16,680 --> 00:43:19,280
‎उन्होंने कोठरी इसी के लिए बनाई थी?

440
00:43:25,280 --> 00:43:28,240
‎बदलाव कभी भी सहज नहीं होता, मैडम।

441
00:43:29,600 --> 00:43:31,000
‎शायद उसी वजह से तुम यहाँ हो।

442
00:43:41,320 --> 00:43:43,200
‎मेरे लिए
‎ज़िंदा बाहर निकल पाना ही काफ़ी है।

443
00:44:19,720 --> 00:44:22,720
‎ठीक है। लज़ीज़ है न? तुम्हें पसंद है।

444
00:44:22,800 --> 00:44:25,520
‎इसके चलते किसी की जान जा सकती है, पता है?

445
00:44:25,600 --> 00:44:27,240
‎अच्छा।

446
00:44:27,960 --> 00:44:31,240
‎हम दोनों ही, एक-एक दिन छोड़कर
‎खाना खाएँगे। इस तरह खाने का हिस्सा करेंगे।

447
00:44:32,680 --> 00:44:33,840
‎कोई बच्चा मर सकता है।

448
00:44:35,760 --> 00:44:38,120
‎कोठरी में 16 से कम का कोई नहीं है।

449
00:44:41,400 --> 00:44:42,960
‎कम से कम एक तो है।

450
00:44:43,040 --> 00:44:45,800
‎कोठरी में 16 से कम का कोई नहीं है।

451
00:44:46,560 --> 00:44:49,600
‎प्रशासन सावधानी बरतता है।

452
00:45:01,240 --> 00:45:03,000
‎नमस्ते, सज्जनो।

453
00:45:03,600 --> 00:45:05,080
‎ज़रा ध्यान से सुनिए।

454
00:45:05,160 --> 00:45:07,400
‎मैंने आप लोगों के लिए खाना छोड़ा है।

455
00:45:07,480 --> 00:45:09,200
‎प्लीज़, अपना हिस्सा खाइए

456
00:45:09,280 --> 00:45:12,120
‎और वैसे ही दो हिस्से
‎नीचे वालों के लिए छोड़ दीजिए।

457
00:45:12,200 --> 00:45:16,840
‎क्या बकती है, बुढ़िया? हम मंज़िल 88
‎पर थे। मुश्किल से जान बचाकर निकले हैं।

458
00:45:16,920 --> 00:45:20,960
‎समझती हूँ, पर इस महीने जिनकी किस्मत
‎अच्छी नहीं थी, उनकी ज़िम्मेदारी हम पर है।

459
00:45:21,040 --> 00:45:24,000
‎ज़िंदा रहने लायक खाना लो।

460
00:45:29,280 --> 00:45:30,800
‎सज्जनो, प्लीज़।

461
00:45:34,840 --> 00:45:36,480
‎सहज एकता।

462
00:45:39,680 --> 00:45:42,600
‎तुम जैसा सोचती हो,
‎यहाँ शायद उसका ठीक उल्टा होता है।

463
00:45:42,680 --> 00:45:45,600
‎एकता उन्हें बाहरी होने पर

464
00:45:45,680 --> 00:45:48,000
‎बचने से आगाह करेगी, तुम्हें नहीं लगता?

465
00:45:48,080 --> 00:45:50,520
‎-किसे आगाह करेगी?
‎-तुम्हें क्या लगता है?

466
00:45:53,640 --> 00:45:55,040
‎प्रशासन को।

467
00:45:56,720 --> 00:46:00,920
‎हाँ। तुम्हें लगता है
‎कि प्रशासन हर चीज़ गलत करता है।

468
00:46:01,520 --> 00:46:04,040
‎मैंने उनके लिए 25 साल काम किया है।

469
00:46:05,080 --> 00:46:07,600
‎और तुम्हें कुछ सहूलियतें मिलती हैं।

470
00:46:07,680 --> 00:46:10,840
‎-क्या मतलब?
‎-तुम अपनी मर्ज़ी का साथी चुन सकती हो।

471
00:46:17,680 --> 00:46:18,720
‎मैं नहीं चुन सकता।

472
00:46:36,400 --> 00:46:39,840
‎सज्जनो, मुझे पता है कि आप भूखे थे
‎और मेरी बात नहीं मानी।

473
00:46:39,920 --> 00:46:43,880
‎यह ज़रूरी है कि मैंने आपके लिए
‎जितना खाना हटाकर रखा, आप उतना ही खाएँ

474
00:46:43,960 --> 00:46:46,960
‎और मंज़िल 35 के लिए
‎वैसे ही दो हिस्से अलग कर दें।

475
00:46:47,640 --> 00:46:49,120
‎हमें अकेला छोड़ दो!

476
00:46:49,200 --> 00:46:51,200
‎हमारा जितना मन करेगा, उतना खाएँगे।

477
00:46:56,640 --> 00:46:58,360
‎कभी न कभी तो ज़रूर समझेंगे।

478
00:46:59,520 --> 00:47:00,720
‎मज़ाक तो नहीं कर रही?

479
00:47:00,800 --> 00:47:04,200
‎सज्जनो, प्लीज़, अपना हिस्सा खाइए
‎और वैसे ही दो हिस्से...

480
00:47:07,400 --> 00:47:09,160
‎सज्जनो, प्लीज़।

481
00:47:09,240 --> 00:47:12,040
‎अपना हिस्सा खाइए और वैसे ही दो हिस्से...

482
00:47:14,440 --> 00:47:16,440
‎सज्जनो, प्लीज़।

483
00:47:17,000 --> 00:47:20,440
‎अपना हिस्सा खाइए
‎और वैसे ही दो हिस्से तैयार करके...

484
00:47:21,840 --> 00:47:26,240
‎सज्जनो, प्लीज़। अपना हिस्सा खाइए
‎और वैसे ही दो हिस्से...

485
00:47:28,560 --> 00:47:30,880
‎सज्जनो, मैंने आपके लिए और

486
00:47:30,960 --> 00:47:35,200
‎मंज़िल 35 के लिए दो हिस्से अलग कर दिए हैं
‎ताकि आपको कोई दिक्कत न हो...

487
00:47:35,280 --> 00:47:37,040
‎दो हिस्से अलग...

488
00:47:39,640 --> 00:47:42,240
‎प्लीज़, 15 दिन हो चुके हैं।

489
00:47:42,320 --> 00:47:44,840
‎मेहरबानी करके, मेरा कहा मान लीजिए।

490
00:47:44,920 --> 00:47:47,760
‎बेश़क, आपके नीचे के लोग मर रहे हैं।

491
00:47:47,840 --> 00:47:50,360
‎समझ में आ रहा है? लोग मर रहे हैं!

492
00:47:51,160 --> 00:47:52,760
‎सुनो, कमीनो।

493
00:47:53,360 --> 00:47:57,040
‎जैसा यह कह रही है, वैसा करो, वरना
‎हर रोज़ तुम्हारे खाने में पॉटी कर दूँगा।

494
00:47:57,960 --> 00:48:02,120
‎और उसे अच्छे से
‎चावल में मसल दूँगा, सुना तुमने?

495
00:48:02,200 --> 00:48:03,840
‎हर रोज़ मल खाना पड़ेगा।

496
00:48:03,920 --> 00:48:08,000
‎अपने नीचे वालों तक बात पहुँचा दो।
‎आई बात समझ में?

497
00:48:12,040 --> 00:48:13,120
‎अच्छी बात है।

498
00:48:19,600 --> 00:48:21,440
‎लगता है बात समझ में आ गई।

499
00:48:21,520 --> 00:48:22,600
‎ज़ाहिर है।

500
00:48:24,240 --> 00:48:26,120
‎मुझे उम्मीद नहीं थी।

501
00:48:26,200 --> 00:48:28,000
‎मैं उन्हें राज़ी कराना चाहती थी।

502
00:48:28,080 --> 00:48:29,200
‎वे राज़ी हो गए।

503
00:48:29,280 --> 00:48:32,960
‎-मल के नाम से?
‎-एकता से ज़्यादा असरदार है।

504
00:48:34,760 --> 00:48:36,600
‎काश कि हम ऊपर वालों को राज़ी कर पाते...

505
00:48:36,680 --> 00:48:38,960
‎नहीं, वे मेरी बात नहीं मानेंगे।

506
00:48:40,640 --> 00:48:42,000
‎क्यों?

507
00:48:42,080 --> 00:48:44,280
‎क्योंकि मुझे उल्टा होकर
‎पॉटी करना नहीं आता, मैडम।

508
00:49:00,520 --> 00:49:02,560
‎मदद करो! मेरी मदद करो!

509
00:49:08,760 --> 00:49:11,120
‎सब ठीक है।

510
00:49:11,200 --> 00:49:12,880
‎यह उस बच्चे की माँ है।

511
00:49:14,040 --> 00:49:15,400
‎तकिया।

512
00:49:16,280 --> 00:49:18,280
‎तकिया पकड़ाओ!

513
00:49:25,240 --> 00:49:26,560
‎सब ठीक है।

514
00:49:37,040 --> 00:49:39,440
‎ठीक है, बस।

515
00:49:41,760 --> 00:49:42,640
‎ठंड है।

516
00:49:42,720 --> 00:49:44,120
‎-क्या?
‎-बहुत ठंड है।

517
00:49:44,200 --> 00:49:46,360
‎इसे ठंड लग रही है। ज़रा इसे ढक दो।

518
00:49:47,080 --> 00:49:48,760
‎बस।

519
00:49:48,840 --> 00:49:50,720
‎मुझे भी ठंड सी लग रही है।

520
00:49:53,400 --> 00:49:54,720
‎यह क्या हो रहा है?

521
00:49:56,400 --> 00:49:58,800
‎साला कुत्ता। यहाँ आ, साले।

522
00:49:58,880 --> 00:50:01,680
‎इसने कुछ रख लिया। छोड़!

523
00:50:49,800 --> 00:50:52,040
‎तुमसे नफ़रत करती हूँ।

524
00:50:52,120 --> 00:50:53,800
‎कुतिया!

525
00:50:53,880 --> 00:50:55,520
‎-तुमसे नफ़रत करती हूँ।
‎-ए!

526
00:50:57,000 --> 00:50:59,880
‎क्या?

527
00:51:18,680 --> 00:51:19,800
‎इसने यह अपने बेटे के लिए किया।

528
00:51:23,160 --> 00:51:26,040
‎अच्छा? मुझे यह सब क्या पता।

529
00:51:27,160 --> 00:51:28,800
‎मैं माँ नहीं हूँ।

530
00:51:28,880 --> 00:51:31,360
‎ए, क्या यह आज का हिस्सा है?

531
00:51:31,440 --> 00:51:33,280
‎यह तो बहुत बढ़िया है, यार।

532
00:51:34,000 --> 00:51:37,400
‎मैंने उस औरत को दस महीने पहले चुना था।
‎वह अकेली थी।

533
00:51:38,160 --> 00:51:40,280
‎उसके न माँ-बाप हैं। न ही बच्चे हैं।

534
00:51:40,360 --> 00:51:42,280
‎उसे पुलाव बहुत पसंद है।

535
00:51:43,120 --> 00:51:46,400
‎फ़िल्म की अदाकारा है। इसने गिटार चुना था।

536
00:51:46,480 --> 00:51:49,400
‎किसी फ़िल्म में
‎मैरिलिन मुनरो जैसा बनने के लिए।

537
00:51:49,480 --> 00:51:51,160
‎वह अकेली ही कोठरी में आई थी।

538
00:51:51,840 --> 00:51:53,440
‎तुमने सही सुना, गोरेंग।

539
00:51:54,200 --> 00:51:57,480
‎बिल्कुल अकेली।

540
00:52:01,640 --> 00:52:03,720
‎यह एशिया की मैरिलिन मुनरो बनना चाहती थी।

541
00:52:03,800 --> 00:52:05,480
‎वह कुतिया...

542
00:52:06,640 --> 00:52:08,760
‎टेढ़ी आँखों के साथ गिटार बजाती हुई।

543
00:52:08,840 --> 00:52:12,080
‎अब, यह एक कातिल है
‎जो किसी मनगढ़ंत बच्चे को ढूँढ़ रही है।

544
00:52:14,840 --> 00:52:16,920
‎सहज एकता।

545
00:52:17,600 --> 00:52:20,040
‎गंदगी के साथ सहज एकता।

546
00:52:24,400 --> 00:52:27,680
‎यह जगह किसी किताब प्रेमी के लिए नहीं बनी।

547
00:52:29,240 --> 00:52:32,000
‎मैंने प्रशासन के लिए 25 साल काम किया है।

548
00:52:32,760 --> 00:52:36,040
‎पिछले आठ सालों में,
‎अनजाने में लोगों को इस नर्क में धकेला।

549
00:52:36,120 --> 00:52:37,760
‎क्योंकि मुझे पता नहीं था।

550
00:52:39,920 --> 00:52:41,760
‎सच कहती हूँ, मुझे नहीं पता था।

551
00:52:44,200 --> 00:52:45,800
‎मेरा यकीन कर रहे हो, गोरेंग?

552
00:52:47,880 --> 00:52:49,840
‎नहीं कर रहे, है न?

553
00:52:50,920 --> 00:52:53,680
‎इस वक्त तुम्हें मेरा यकीन करना होगा।

554
00:52:58,680 --> 00:53:03,640
‎मेरी तरफ़ देखो, गोरेंग।
‎मैं तीन सालों तक कैंसर से जूझती रही।

555
00:53:03,720 --> 00:53:06,400
‎जिस रोज़ मुझे पता चला
‎कि मैं वह लड़ाई हार चुकी हूँ,

556
00:53:08,760 --> 00:53:11,160
‎मैं यहाँ मदद करने चली आई।

557
00:53:19,520 --> 00:53:20,800
‎पर एक बात कहूँ?

558
00:53:22,280 --> 00:53:24,280
‎अब मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

559
00:53:25,360 --> 00:53:26,600
‎बिल्कुल नहीं पड़ता।

560
00:53:27,600 --> 00:53:29,160
‎किसी भी बात का कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

561
00:53:32,560 --> 00:53:34,560
‎किताब लेकर यहाँ कौन आता है?

562
00:53:35,560 --> 00:53:39,760
‎किताब लेकर यहाँ कौन आता है?

563
00:55:06,000 --> 00:55:08,240
‎अचंभे की बात है कि किसी ने घोंघे नहीं खाए।

564
00:55:14,600 --> 00:55:16,080
‎तुम नहीं खाओगी?

565
00:55:20,680 --> 00:55:22,400
‎हर हिस्से में थोड़े-थोड़े रख देता हूँ।

566
00:55:30,360 --> 00:55:32,680
‎इमोगिरी, तुम कुछ खा क्यों नहीं लेती?

567
00:55:34,120 --> 00:55:36,800
‎आज रामसेस द्वितीय की खाने की बारी थी।

568
00:55:41,920 --> 00:55:45,080
‎आज आखिरी दिन है, तुम्हें खा लेना चाहिए।

569
00:55:55,320 --> 00:55:57,320
‎पता नहीं कि कल हम कहाँ होंगे।

570
00:56:47,200 --> 00:56:48,960
‎इसे उतारोगे नहीं?

571
00:56:49,640 --> 00:56:50,960
‎यह तुम्हारी दोस्त थी।

572
00:56:53,640 --> 00:56:55,040
‎इसे खाओगे क्या?

573
00:56:55,120 --> 00:56:57,760
‎बिल्कुल। इसलिए तो मैंने
‎अपने गले में फंदा डाल लिया।

574
00:56:57,840 --> 00:57:01,160
‎कई औरों की तरह,
‎कूद जाना इससे काफ़ी आसान होता।

575
00:57:01,240 --> 00:57:03,080
‎पर तुम्हारे लिए एक तोहफ़ा छोड़ना था।

576
00:57:04,480 --> 00:57:05,400
‎अपनी लाश।

577
00:57:06,520 --> 00:57:08,720
‎प्लीज़, मेरी लाश को खा लो।

578
00:57:08,800 --> 00:57:11,760
‎उसे हज़म करो
‎और मल के रूप में शरीर से निकाल फेंको।

579
00:57:11,840 --> 00:57:15,040
‎याद रहे, एकता या गंदगी।

580
00:57:15,120 --> 00:57:18,080
‎कान ढकने का क्या फ़ायदा है?

581
00:57:18,160 --> 00:57:20,840
‎हम तुम्हारे दिमाग में हैं, बेवकूफ़!

582
00:57:20,920 --> 00:57:23,280
‎तुमने इसे बेवकूफ़ कहा, बेवकूफ़?

583
00:57:23,360 --> 00:57:25,080
‎तुम मसीहा से बात कर रहे हो।

584
00:57:25,160 --> 00:57:28,240
‎मल का मसीहा, फिर भी मसीहा ही है।

585
00:57:29,200 --> 00:57:31,840
‎-मुझे खाओ, गोरेंग।
‎-यह पागल चुड़ैल ठीक बोल रही है।

586
00:57:31,920 --> 00:57:34,600
‎ज़िंदा रहने के लिए यही एक उपाय है।

587
00:57:34,680 --> 00:57:38,600
‎बिल्कुल, गोरेंग। मेरा माँस काटो, मुझे खाओ।

588
00:57:38,680 --> 00:57:40,000
‎अरे, मुक्तिदाता।

589
00:57:41,360 --> 00:57:42,800
‎"पूरी ईमानदारी से कहती हूँ,

590
00:57:42,880 --> 00:57:46,440
‎जब तक आदमी का माँस नहीं खाते
‎और उसका खून नहीं पीते,

591
00:57:46,520 --> 00:57:48,160
‎तब तक तुम्हारे अंदर जान नहीं।

592
00:57:48,240 --> 00:57:50,360
‎जो भी मेरा माँस खाएगा और मेरा खून पिएगा,

593
00:57:50,440 --> 00:57:52,280
‎वह अमर हो जाएगा,

594
00:57:52,360 --> 00:57:55,000
‎और आखिरी दिन, मैं उसे जीवित कर दूँगी।

595
00:57:55,760 --> 00:57:57,600
‎क्योंकि मेरा माँस ही असली खाना है

596
00:57:57,680 --> 00:57:59,880
‎और मेरा खून ही असली पेय है।

597
00:58:00,720 --> 00:58:03,000
‎जो भी मेरा माँस खाएगा और मेरा खून पिएगा

598
00:58:03,080 --> 00:58:04,680
‎मुझमें बसकर रह जाएगा,

599
00:58:04,760 --> 00:58:05,880
‎और मैं उसमें बस जाऊँगी।"

600
00:58:07,040 --> 00:58:08,120
‎आमीन।

601
00:59:28,040 --> 00:59:29,280
‎यह लो, गोरेंग।

602
00:59:30,080 --> 00:59:32,920
‎सामुराई-प्लस के साथ,
‎बड़ी आसानी से हो जाएगा।

603
00:59:36,760 --> 00:59:38,080
‎चलो।

604
00:59:59,800 --> 01:00:03,640
‎कान, चेहरा, ठुड्डी।

605
01:00:03,720 --> 01:00:07,720
‎स्तन, पसलियाँ, बड़ा पिछवाड़ा।

606
01:00:07,800 --> 01:00:11,000
‎बगल, हाथ, गाँठ।

607
01:00:11,080 --> 01:00:13,320
‎कंधे, जाँघ।

608
01:00:13,400 --> 01:00:15,320
‎कमर, जबड़ा।

609
01:00:49,000 --> 01:00:51,880
‎ए, ऊपर वालो! कमीनो।

610
01:00:51,960 --> 01:00:55,800
‎चलो भी, मुझे पता है
‎कि तुम ऊपर ही हो! जवाब दो!

611
01:00:55,880 --> 01:00:59,880
‎मेरा नाम बहारत है। मेरी खुशी का
‎ठिकाना नहीं है, यार। जाग रहे हो?

612
01:01:00,640 --> 01:01:02,080
‎तुमने देखा हम किस मंज़िल पर हैं?

613
01:01:02,160 --> 01:01:03,920
‎मंज़िल छह पर, मेरे दोस्त!

614
01:01:04,000 --> 01:01:06,360
‎मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है!

615
01:01:06,440 --> 01:01:08,400
‎इस बार मैं बाहर निकल जाऊँगा! ए!

616
01:01:08,480 --> 01:01:11,440
‎ए, मंज़िल पाँच, जवाब दो!

617
01:01:11,520 --> 01:01:14,360
‎-क्या? ऊपर आना चाहते हो?
‎-हाँ, आना चाहता हूँ।

618
01:01:14,440 --> 01:01:16,640
‎-किस लिए?
‎-किस लिए?

619
01:01:17,160 --> 01:01:19,920
‎इस कालकोठरी से निकलने के लिए।

620
01:01:20,800 --> 01:01:23,320
‎-भगवान में यकीन करते हो?
‎-करता हूँ।

621
01:01:24,080 --> 01:01:25,760
‎हाँ, भगवान में यकीन करता हूँ।

622
01:01:26,880 --> 01:01:29,000
‎पर कौन से भगवान में?

623
01:01:30,400 --> 01:01:31,800
‎परम पिता परमेश्वर में।

624
01:01:33,080 --> 01:01:35,000
‎परम पिता परमेश्वर में!

625
01:01:36,160 --> 01:01:38,760
‎उसी भगवान पर यकीन करता है
‎जिस पर हम करते हैं।

626
01:01:38,840 --> 01:01:41,360
‎चलो भी, मैं बस निकल रहा हूँ, सच में।

627
01:01:41,440 --> 01:01:45,120
‎भगवान ने मुझसे बात की और वे चाहते हैं
‎कि मैं इस कोठरी से निकलूँ।

628
01:01:45,200 --> 01:01:46,920
‎कह रहा है कि भगवान ने इससे बात की।

629
01:01:47,000 --> 01:01:49,120
‎दरअसल, उन्होंने क्या कहा था?

630
01:01:49,200 --> 01:01:53,320
‎यही कि दो रहमदिल आत्माएँ
‎यहाँ से निकलने में मेरी मदद करेंगी।

631
01:01:53,400 --> 01:01:56,080
‎सुना तुमने, जान?
‎शायद हमारे बारे में बोला था।

632
01:01:56,160 --> 01:01:59,480
‎और यह भी कि उन्हें इसका इनाम मिलेगा।

633
01:02:01,560 --> 01:02:04,320
‎भगवान हमें क्या इनाम देंगे?

634
01:02:05,080 --> 01:02:07,080
‎मरणोपरांत जीवन।

635
01:02:07,160 --> 01:02:08,960
‎मरणोपरांत जीवन, वह भी काफ़ी है।

636
01:02:09,040 --> 01:02:11,560
‎अश्वेत की मदद करने के लिए
‎काफ़ी बड़ा इनाम है।

637
01:02:11,640 --> 01:02:13,600
‎चलो भी, मुझे ऊपर आने दो।

638
01:02:19,640 --> 01:02:21,680
‎अच्छा, रस्सी फेंको।

639
01:02:21,760 --> 01:02:25,360
‎शुक्रिया, मेरे भाई और बहन! भगवान की जय हो!

640
01:02:29,640 --> 01:02:31,920
‎बाहर मिलूँगा! खुशी का ठिकाना नहीं! पकड़ा?

641
01:02:46,040 --> 01:02:47,560
‎मेरी मदद करो!

642
01:02:50,480 --> 01:02:51,920
‎मेरी मदद करो!

643
01:02:59,880 --> 01:03:01,840
‎कमीनो!

644
01:03:01,920 --> 01:03:03,000
‎सुअरो!

645
01:03:03,080 --> 01:03:04,480
‎उसने मेरे ऊपर पॉटी कर दी!

646
01:03:04,560 --> 01:03:06,200
‎अब भगवान से जाकर रस्सी माँगना!

647
01:03:07,000 --> 01:03:09,320
‎मेरी रस्सी!

648
01:03:11,720 --> 01:03:13,040
‎नहीं!

649
01:03:14,040 --> 01:03:16,280
‎कुछ नहीं हुआ। अच्छा सोचो।

650
01:03:16,360 --> 01:03:18,160
‎तू किसी काम का नहीं रहा।

651
01:03:19,920 --> 01:03:21,720
‎तू किसी काम का नहीं रहा!

652
01:03:23,400 --> 01:03:25,320
‎बस पाँच मंज़िलें।

653
01:03:26,680 --> 01:03:29,400
‎कभी इतना करीब नहीं पहुँच पाऊँगा।

654
01:03:30,160 --> 01:03:32,440
‎पाँच मंज़िलें!

655
01:04:47,520 --> 01:04:49,960
‎तुम सच में बदल रहे हो, मेरे घोंघे।

656
01:04:51,640 --> 01:04:53,720
‎मैंने तुम पर हमला किया।

657
01:04:54,440 --> 01:04:56,800
‎उस बूढ़ी चुड़ैल ने खुदकुशी कर ली।

658
01:04:57,440 --> 01:05:00,920
‎अब, इस मंज़िल में ठीक हो सकते हो,

659
01:05:01,000 --> 01:05:02,640
‎जितना चाहो, खा सकते हो।

660
01:05:04,160 --> 01:05:07,160
‎उसके बाद, एक महीने में,

661
01:05:07,240 --> 01:05:10,120
‎अपना डिप्लोमा लेकर निकल जाओगे।

662
01:05:11,040 --> 01:05:13,480
‎देखा? इतना भी मुश्किल नहीं था।

663
01:05:15,480 --> 01:05:17,320
‎अब सब तुम पर निर्भर है।

664
01:05:18,920 --> 01:05:20,800
‎सिर्फ़ तुम पर।

665
01:05:24,120 --> 01:05:27,280
‎बदलाव कभी भी सहज नहीं होता, मैडम।

666
01:05:28,560 --> 01:05:30,760
‎शायद उसी वजह से तुम यहाँ हो।

667
01:05:45,800 --> 01:05:47,280
‎मुझे नीचे उतरने में मदद करो।

668
01:05:53,520 --> 01:05:55,000
‎कुछ नए हथियार बनाते हैं।

669
01:05:56,200 --> 01:06:00,240
‎मंच पर चढ़ेंगे और हर मंज़िल पर
‎सभी में हिसाब का खाना बाँटेंगे।

670
01:06:02,800 --> 01:06:03,880
‎क्या?

671
01:06:04,720 --> 01:06:06,640
‎मैं यह अकेला नहीं कर पाऊँगा।

672
01:06:07,360 --> 01:06:09,120
‎पर साथ मिलकर, हम कर सकते हैं।

673
01:06:10,840 --> 01:06:13,360
‎साथ मिलकर करेंगे तो हो सकता है, बहारत।

674
01:06:15,480 --> 01:06:17,760
‎अगले महीने ऊपर चढ़ने की कोशिश करूँगा।

675
01:06:19,720 --> 01:06:22,440
‎फिर से कोई कमीना
‎तुम्हें आगे निकलने नहीं देगा।

676
01:06:23,360 --> 01:06:25,240
‎नीचे उतरना तो आत्महत्या करना है।

677
01:06:25,320 --> 01:06:29,240
‎अगर हम आखिरी मंज़िल तक खाना पहुँचा पाए,
‎तो कोठरी की यांत्रिकी को बिगाड़ पाएँगे।

678
01:06:30,160 --> 01:06:32,680
‎कोठरी में कोई यांत्रिकी नहीं है।

679
01:06:33,520 --> 01:06:35,000
‎कोठरी तो बस कोठरी है।

680
01:06:35,880 --> 01:06:38,360
‎कोठरी बस एक जेल है।

681
01:06:38,440 --> 01:06:41,240
‎हमें तो यह भी नहीं पता
‎कि यह कितनी गहरी है।

682
01:06:41,320 --> 01:06:44,400
‎जब मैं मंज़िल 202 पर था,
‎मैंने हर एक सेकेंड का हिसाब रखा

683
01:06:45,360 --> 01:06:47,760
‎कि मंच को वापस आने में कितना वक्त लगा।

684
01:06:47,840 --> 01:06:52,440
‎शायद एकदम सही न हो, पर जितनी देर के लिए
‎रुकता है, उसे देखते हुए

685
01:06:55,160 --> 01:06:57,720
‎लगभग 250 मंज़िलें होंगी।

686
01:06:59,040 --> 01:07:02,720
‎-ढाई सौ?
‎-ढाई सौ।

687
01:07:05,560 --> 01:07:07,520
‎और अगर तुम्हारा हिसाब गलत हुआ तो?

688
01:07:08,200 --> 01:07:11,320
‎अगर खाना खत्म हो गया
‎और हम नीचे तक न पहुँच सके तो?

689
01:07:12,280 --> 01:07:15,240
‎हम मंच पर बैठे रहेंगे और ऊपर आ जाएँगे।

690
01:07:16,000 --> 01:07:17,200
‎जैसा तुम चाहते थे।

691
01:07:18,680 --> 01:07:21,560
‎-नीचे जाएँगे?
‎-वापस ऊपर आने के लिए।

692
01:07:21,640 --> 01:07:24,720
‎कोई पागल ही होगा
‎जो मंज़िल छह को छोड़कर जाएगा।

693
01:07:25,720 --> 01:07:27,560
‎या दो पागल जिनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं।

694
01:07:56,520 --> 01:07:58,280
‎पागलों जैसे लग रहे हो।

695
01:07:58,360 --> 01:08:00,880
‎मर ही जाओ तो अच्छा हो, सालो।

696
01:08:29,960 --> 01:08:31,920
‎तुम! दूर रहो!

697
01:08:32,000 --> 01:08:33,760
‎मंच से दूर रहो!

698
01:08:33,840 --> 01:08:35,880
‎यह क्या पागलपन है, बहारत?

699
01:08:35,960 --> 01:08:38,319
‎शांति रखो। हमें बस आगे जाना है।

700
01:08:38,399 --> 01:08:42,000
‎-तुम्हारे हिस्से का खाना देकर चले जाएँगे।
‎-नहीं।

701
01:08:43,760 --> 01:08:45,399
‎-नहीं?
‎-नहीं।

702
01:08:46,040 --> 01:08:47,640
‎पहली 50 मंज़िलों को हर रोज़ खाना मिलता है।

703
01:08:47,720 --> 01:08:49,399
‎हम मंज़िल 51 से शुरू करेंगे।

704
01:08:49,479 --> 01:08:53,319
‎ये मेरे दोस्त हैं। दो महीने पहले,
‎इन्होंने ऊपर चढ़ने में मेरी मदद की थी।

705
01:08:53,399 --> 01:08:55,520
‎इन्होंने कल खाया था और कल भी खाएँगे।

706
01:08:56,680 --> 01:08:57,960
‎एक दिन उपवास कर सकते हैं।

707
01:08:58,040 --> 01:09:01,240
‎भाड़ में जाओ। मैं मंज़िल सात पर हूँ,
‎पेट भरकर खाना मेरा हक है।

708
01:09:01,319 --> 01:09:03,120
‎पिछले महीने 114 में मरते-मरते बचा।

709
01:09:03,200 --> 01:09:05,200
‎उस वक्त तुम लोग कहाँ थे, सालो?

710
01:09:05,279 --> 01:09:06,880
‎फिर तो तुम्हें समझना चाहिए।

711
01:09:06,960 --> 01:09:08,880
‎तुम कौन हो? मसीहा?

712
01:09:08,960 --> 01:09:10,439
‎हमारा उद्धार करने आए हो?

713
01:09:10,520 --> 01:09:14,520
‎मसीहा तो और ज़्यादा खाने को देते हैं,
‎मुँह से निवाला नहीं छीनते हैं।

714
01:09:16,080 --> 01:09:18,240
‎हे भगवान, बहारत।

715
01:09:18,319 --> 01:09:19,800
‎तुमसे यह उम्मीद न थी।

716
01:09:19,880 --> 01:09:23,960
‎तुम कौन हो? इस गोरे के अश्वेत गुलाम हो?

717
01:09:35,760 --> 01:09:38,000
‎तुम! कोने में जाओ!

718
01:09:38,080 --> 01:09:40,640
‎धत्! मैं तुम्हें मार डालूँगा!

719
01:09:40,720 --> 01:09:43,080
‎कोने में खड़े रहो, ज़रा भी मत हिलना!

720
01:09:44,040 --> 01:09:47,359
‎कोने में खड़े रहो! कोई पंगा नहीं चाहिए!

721
01:09:47,439 --> 01:09:49,800
‎गिरा दो!

722
01:09:50,680 --> 01:09:52,640
‎चुपचाप बैठ जाओ!

723
01:09:53,120 --> 01:09:54,359
‎हिले तो खत्म कर दूँगा!

724
01:09:54,680 --> 01:09:56,720
‎तुम! पास आए तो जान से जाओगे!

725
01:09:56,800 --> 01:09:57,880
‎बहारत!

726
01:10:03,840 --> 01:10:04,960
‎माफ़ करना, जनाब।

727
01:10:05,040 --> 01:10:08,080
‎अभी के अभी नीचे उतरो, तुम दोनो।

728
01:10:08,160 --> 01:10:11,600
‎खाने पर खड़े हो, बेवकूफ़ो।

729
01:10:13,800 --> 01:10:15,360
‎यह कौन है?

730
01:10:16,440 --> 01:10:17,880
‎एक समझदार आदमी है।

731
01:10:17,960 --> 01:10:22,120
‎क्या मैंने तुम्हें कुछ नहीं सिखाया?

732
01:10:22,200 --> 01:10:25,600
‎जनाब, हम हर मंज़िल तक
‎खाना पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।

733
01:10:26,200 --> 01:10:28,480
‎यह बहुत ही अच्छी बात है।

734
01:10:29,400 --> 01:10:34,160
‎बहुत अच्छी बात है,
‎पर शिष्टाचार भी तो ज़रूरी है।

735
01:10:34,240 --> 01:10:37,160
‎हराने से पहले, राज़ी कराने की कोशिश करना।

736
01:10:37,240 --> 01:10:39,840
‎हाँ और अगर वे राज़ी नहीं हुए?

737
01:10:39,920 --> 01:10:43,920
‎फिर हाथ उठाना। पर पहले, बात करके देखना।

738
01:10:44,920 --> 01:10:46,480
‎फिर भी,

739
01:10:46,560 --> 01:10:51,560
‎अगर तुम आगे निकल गए,
‎तो हमसे ऊपर कौन हमारी बात सुनेगा?

740
01:10:53,960 --> 01:10:55,360
‎प्रशासन।

741
01:10:57,480 --> 01:11:01,720
‎प्रशासन का तो ज़मीर ही नहीं है।

742
01:11:01,800 --> 01:11:06,120
‎हालाँकि इस बात की थोड़ी-बहुत संभावना है

743
01:11:06,200 --> 01:11:09,800
‎कि मंज़िल शून्य वाले कर्मचारियों का
‎ज़मीर होगा।

744
01:11:09,880 --> 01:11:13,000
‎तुम्हें उन्हें समझाना चाहिए।

745
01:11:13,080 --> 01:11:15,280
‎और तुम यह कैसे करोगे?

746
01:11:28,800 --> 01:11:30,680
‎एक चिह्न से।

747
01:11:31,320 --> 01:11:34,040
‎हमें एक थाली चाहिए।

748
01:11:34,120 --> 01:11:38,520
‎एक लज़ीज़ और सजाई हुई थाली।

749
01:11:38,600 --> 01:11:43,400
‎वह मंज़िल शून्य तक
‎वैसी की वैसी ही वापस पहुँचनी चाहिए।

750
01:11:51,200 --> 01:11:53,840
‎ज़रा सोचो उनके चेहरे कैसे होंगे

751
01:11:53,920 --> 01:11:58,680
‎जब कोठरी उन्हें ऐसी थाली लौटाएगी।

752
01:11:59,600 --> 01:12:03,680
‎तभी उनकी समझ में आएगा।

753
01:12:06,080 --> 01:12:07,320
‎पैना कोटा।

754
01:12:07,400 --> 01:12:12,240
‎इस पैना कोटा को इस तरह संभालकर रखना है
‎मानो तुम्हारी ज़िंदगी इसी पर टिकी हो।

755
01:12:13,000 --> 01:12:15,880
‎पैना कोटा ही संदेश है।

756
01:12:19,480 --> 01:12:20,640
‎दोस्तो।

757
01:12:21,240 --> 01:12:24,680
‎मेरी आपसे गुज़ारिश है कि मंच से दूर रहें।

758
01:12:24,760 --> 01:12:27,080
‎हम आपको एक शांतिमय विरोध के लिए

759
01:12:27,160 --> 01:12:29,200
‎आमंत्रित करना चाहते हैं

760
01:12:29,280 --> 01:12:32,520
‎जिससे हालात बदलने के लिए मजबूर होंगे।

761
01:12:32,600 --> 01:12:34,400
‎इससे एक ख़ास मिसाल कायम होगी...

762
01:12:34,480 --> 01:12:36,520
‎क्या बक रहे हो? साफ़-साफ़ बोलो।

763
01:12:36,600 --> 01:12:39,240
‎-बस एक दिन उपवास करना है।
‎-एक दिन के लिए?

764
01:12:39,960 --> 01:12:41,200
‎हाँ।

765
01:12:42,760 --> 01:12:44,280
‎भाड़ में जाए वह सब।

766
01:12:51,080 --> 01:12:53,120
‎यह संदेश मायने रखता है।

767
01:13:05,120 --> 01:13:06,440
‎-रुक जाओ!
‎-हट जाओ!

768
01:13:16,480 --> 01:13:19,600
‎-कुछ मंज़िलें और बची हैं।
‎-हाँ।

769
01:13:19,680 --> 01:13:20,880
‎पीछे हटो!

770
01:13:23,960 --> 01:13:26,720
‎दोस्तो, हमें कोई पंगा नहीं चाहिए।
‎हम तुरंत निकल जाएँगे।

771
01:13:26,800 --> 01:13:29,680
‎तुम्हें तुम्हारा हिस्सा देकर चले जाएँगे।

772
01:14:04,880 --> 01:14:07,760
‎-वह मर जाएगा।
‎-इसका खयाल रखोगे तो नहीं।

773
01:14:07,840 --> 01:14:09,680
‎यह वैसे भी मर ही जाएगा।

774
01:14:11,240 --> 01:14:13,320
‎मैं तकिए से इसका गला घोंट दूँगा।

775
01:14:16,280 --> 01:14:17,920
‎खाना खाओ और बकवास बंद करो।

776
01:14:18,560 --> 01:14:21,960
‎इसका पेट काटकर
‎वह सारा खाना निकाल लूँगा जो तुमने दिया है।

777
01:14:36,160 --> 01:14:37,400
‎हे भगवान।

778
01:14:37,960 --> 01:14:39,520
‎यहाँ मिहारू जाग गई होगी।

779
01:14:39,600 --> 01:14:42,200
‎-उस बच्चे की माँ?
‎-कोई बच्चा नहीं है।

780
01:14:42,280 --> 01:14:43,240
‎धत् तेरे की।

781
01:14:44,280 --> 01:14:45,560
‎धत्।

782
01:14:46,640 --> 01:14:49,000
‎धत्!

783
01:14:50,200 --> 01:14:51,600
‎मंच यहाँ पर नहीं रुका।

784
01:14:52,320 --> 01:14:55,680
‎मतलब यह कि तुमने जितना सोचा था,
‎उससे ज़्यादा मंज़िलें हैं।

785
01:15:00,280 --> 01:15:02,080
‎हे भगवान।

786
01:15:02,160 --> 01:15:05,480
‎अगर कोई ज़िंदा नहीं बचा,
‎तो मंच नहीं रुकेगा।

787
01:15:05,560 --> 01:15:09,120
‎हे भगवान।

788
01:15:13,920 --> 01:15:15,760
‎मिहारू!

789
01:16:29,680 --> 01:16:30,960
‎वह मर चुकी है।

790
01:16:32,320 --> 01:16:34,720
‎नहीं!

791
01:16:35,320 --> 01:16:36,240
‎वह मर चुकी है।

792
01:16:36,320 --> 01:16:39,040
‎मंच! आओ चलें!

793
01:16:39,840 --> 01:16:41,360
‎आओ चलें!

794
01:16:41,440 --> 01:16:43,360
‎मंच!

795
01:17:09,760 --> 01:17:11,080
‎आगे मत आना!

796
01:17:56,720 --> 01:17:58,400
‎धीरज रखो।

797
01:17:58,480 --> 01:17:59,680
‎धीरज रखो।

798
01:18:01,960 --> 01:18:03,400
‎धीरज रखो।

799
01:19:11,560 --> 01:19:13,120
‎कुछ नहीं बचा है।

800
01:19:13,200 --> 01:19:15,160
‎पैना कोटा अभी भी बचा है।

801
01:19:22,360 --> 01:19:24,360
‎पैना कोटा अभी भी बचा है।

802
01:19:28,080 --> 01:19:30,360
‎पैना कोटा ही संदेश है।

803
01:19:32,040 --> 01:19:34,760
‎पैना कोटा ही संदेश है।

804
01:19:35,760 --> 01:19:37,600
‎पैना कोटा ही संदेश है।

805
01:19:39,400 --> 01:19:42,440
‎पैना कोटा ही संदेश है।

806
01:20:07,080 --> 01:20:08,400
‎कोई नहीं है।

807
01:20:10,480 --> 01:20:12,360
‎मंच रुक गया है।

808
01:20:14,120 --> 01:20:16,120
‎यही सबसे निचली मंज़िल होगी।

809
01:20:16,960 --> 01:20:19,960
‎तैयार हो जाओ। हम ऊपर जाएँगे।

810
01:20:35,720 --> 01:20:37,280
‎बच्चा।

811
01:20:37,360 --> 01:20:38,480
‎नहीं।

812
01:20:44,160 --> 01:20:46,320
‎ऐसा मत करो।

813
01:20:58,520 --> 01:21:02,600
‎नहीं! धत् तेरे की!

814
01:21:17,240 --> 01:21:18,400
‎पैना कोटा गिरा दो।

815
01:21:19,720 --> 01:21:22,120
‎-पैना कोटा गिरा दो।
‎-नहीं।

816
01:21:22,200 --> 01:21:24,080
‎पैना कोटा को गिरा दो।

817
01:21:24,160 --> 01:21:26,120
‎नहीं।

818
01:21:26,680 --> 01:21:28,680
‎रुको।

819
01:21:29,720 --> 01:21:30,760
‎रुको।

820
01:21:34,880 --> 01:21:36,400
‎यह न तो गर्म है

821
01:21:37,720 --> 01:21:39,000
‎या न ही ठंडा।

822
01:21:58,320 --> 01:21:59,760
‎एक छोटी सी बच्ची है।

823
01:22:11,560 --> 01:22:13,560
‎इसे भूख लगी है।

824
01:22:21,360 --> 01:22:22,360
‎इसे थोड़ा दे दो।

825
01:22:29,000 --> 01:22:30,280
‎नहीं।

826
01:22:31,520 --> 01:22:33,320
‎पैना कोटा ही संदेश है।

827
01:22:34,080 --> 01:22:35,680
‎पैना कोटा ही संदेश है।

828
01:22:36,280 --> 01:22:37,560
‎पैना कोटा ही संदेश है।

829
01:22:37,640 --> 01:22:39,880
‎पैना कोटा ही संदेश है।

830
01:22:39,960 --> 01:22:41,800
‎पैना कोटा ही संदेश है।

831
01:23:41,040 --> 01:23:44,160
‎"एक महान आदमी जो क्रूर हो,
‎वह क्रूरता की मिसाल होगा,

832
01:23:44,240 --> 01:23:47,200
‎और एक स्वार्थी अमीर आदमी
‎महज़ एक भिखारी होगा।

833
01:23:47,840 --> 01:23:51,400
‎क्योंकि दौलतमंद आदमी को
‎दौलत रखने पर खुशी नहीं मिलती,

834
01:23:51,480 --> 01:23:52,760
‎बल्कि उसे खर्च करके मिलती है,

835
01:23:52,840 --> 01:23:54,640
‎और तब नहीं जब वह मर्ज़ी से उसे खर्च करे,

836
01:23:55,560 --> 01:23:57,040
‎पर यह जानकर
‎कि कितनी अच्छी तरह खर्च करना है।"

837
01:23:57,960 --> 01:23:59,200
‎"उसकी मर्ज़ी से।"

838
01:24:00,160 --> 01:24:02,760
‎तुम जब पढ़ते हो,
‎उसे सुनने में मज़ा आता है।

839
01:24:03,640 --> 01:24:07,120
‎"यह जानकर
‎कि कितनी अच्छी तरह खर्च करना है।"

840
01:24:07,200 --> 01:24:12,480
‎मंज़िल छह से खाना लूटकर लाना
‎बहुत दिलेरी का काम था, मेरे घोंघे।

841
01:24:12,560 --> 01:24:15,520
‎-मैंने कुछ नहीं लूटा।
‎-आगे क्या करना है?

842
01:24:15,600 --> 01:24:17,960
‎तुम इस अश्वेत को खा जाओगे?

843
01:24:20,120 --> 01:24:21,640
‎बच्ची को क्यों नहीं?

844
01:24:22,400 --> 01:24:25,760
‎बच्ची को एक सौगात मिली है।
‎तुमने ध्यान नहीं दिया?

845
01:24:26,800 --> 01:24:29,120
‎रामसेस।

846
01:24:29,640 --> 01:24:31,160
‎रामसेस।

847
01:24:31,240 --> 01:24:33,200
‎रामसेस ही संदेश है।

848
01:24:33,280 --> 01:24:34,960
‎रामसेस द्वितीय ही संदेश है।

849
01:24:35,880 --> 01:24:38,800
‎रामसेस।

850
01:24:39,560 --> 01:24:41,760
‎रामसेस।

851
01:24:42,720 --> 01:24:44,800
‎रामसेस।

852
01:24:45,560 --> 01:24:46,960
‎उठो!

853
01:24:47,960 --> 01:24:50,120
‎बच्ची ही संदेश है।

854
01:24:50,200 --> 01:24:51,960
‎वह ही संदेश है।

855
01:25:03,640 --> 01:25:05,040
‎वह ही संदेश है।

856
01:25:11,800 --> 01:25:13,120
‎बहारत।

857
01:27:51,600 --> 01:27:55,320
‎"हम एकसाथ आगे बढ़े, एकसाथ सफ़र पर निकले।

858
01:27:56,000 --> 01:28:00,800
‎हमारी तकदीर वही थी, किस्मत भी वही थी।"

859
01:28:03,160 --> 01:28:05,480
‎तुम्हारा सफ़र ख़त्म हो गया, मेरे घोंघे।

860
01:28:13,160 --> 01:28:14,480
‎अभी नहीं।

861
01:28:15,440 --> 01:28:16,760
‎मुझे बच्ची को लेकर ऊपर जाना होगा।

862
01:28:16,840 --> 01:28:18,880
‎पर तुम तो संदेश नहीं हो।

863
01:28:21,200 --> 01:28:22,720
‎पर मैं पहुँचाने वाला हूँ।

864
01:28:22,800 --> 01:28:25,360
‎संदेश को पहुँचाने वाले की ज़रूरत नहीं है।

865
01:28:40,480 --> 01:28:42,040
‎दोबारा मुझे घोंघा मत कहना।

866
01:28:42,120 --> 01:28:44,520
‎दोबारा मेरे शब्द का इस्तेमाल मत करना।

867
01:29:11,680 --> 01:29:13,320
‎क्या वह पहुँच पाएगी?

868
01:29:15,760 --> 01:29:17,200
‎वह ही संदेश है।

869
01:29:17,680 --> 01:29:19,840
‎वह ही संदेश है।

870
01:33:54,040 --> 01:33:56,040
‎संवाद अनुवादक परवीन कौर शोम

